ॐ जय जय नामदेव प्रभुजी की, कीरत अमित जगत बिचनी की , जय नामदेव... प्रथम सनत अवतार है लीन्हो , हंस रूप में प्रभु को चिन्हो, महिमा यही जन्म आदिहि की, जय नामदेव... सुनहु भयो द्वितीय अवतारा, राम नाम प्रहलाद उचारा, तुव हित रूप नरसिंह हरी धरा, प्रभु मय लाना सब संसारा, छाई कीरत है भक्ति की, जय नामदेव ... तृतीया जन्म नाही गृह आये, अंगद त्रेता माही कहाये, रामरूप के दर्शन पाए, रावणादि के मान घटाए, वहा कथा कही सिया पी की, जय नामदेव... द्वापर में उथव कहलाये, श्रीकृष्ण ने सखा बनाये, श्री राधा को योगी बताये, महिमा हरी नाम की गाये, भजन वीनू आयु है फीकी, जय नामदेव... काली में नाम नामदेव पायें, दर्शन विट्ठल की नित भाये, चहू दिशि जाये चरित्र दिखाए, घूम किमड और गौव जिलाये, बलिहारी हरी तुम शक्ति की, जय नामदेव... आरती जो जन यह नित गाये, शीघ्र पदारथ चारहु पाये, मोहन प्रभु को शीश नवाये, जन्म मरण के दुःख नसावे, मिठे त्रास मय भव रजी की, जय नामदेव...