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Gayatri Chalisa
गायत्री चालीसा

॥दोहा॥ हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड।  शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड॥ जगत जननि, मंगल करनि, गायत्री सुखधाम। प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा पूरन काम॥ ॥चालीसा॥